Apple's robotics expansion: Mass production unlikely before 2028

 एप्पल का रोबोटिक्स विस्तार: 2028 से पहले बड़े पैमाने पर उत्पादन की संभावना नहीं

टेक दिग्गज ने स्मार्ट होम इकोसिस्टम के लिए मानवीय और गैर-मानवीय रोबोट्स के विकास पर ध्यान केंद्रित किया

नई दिल्ली: वैश्विक टेक दिग्गज एप्पल अब रोबोटिक्स उद्योग में कदम रखने की तैयारी कर रही है। कंपनी के पास मानवीय (ह्यूमनॉइड) और गैर-मानवीय (नॉन-ह्यूमनॉइड) दोनों प्रकार के रोबोट्स विकसित करने की योजना है, जो इसके विस्तारित स्मार्ट होम इकोसिस्टम का हिस्सा होंगे। TF सिक्योरिटीज के प्रमुख विश्लेषक मिंग-ची कूओ के अनुसार, यह परियोजना अभी अवधारणा प्रमाणन (प्रूफ-ऑफ-कॉन्सेप्ट) चरण में है, और इसका बड़े पैमाने पर उत्पादन 2028 से पहले शुरू होने की संभावना नहीं है।


रोबोट्स की डिज़ाइन और उपयोगकर्ता अनुभव पर फोकस

हाल ही में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर किए गए एक पोस्ट में कूओ ने खुलासा किया कि एप्पल का ध्यान रोबोट्स के स्वरूप (फॉर्म फैक्टर) पर कम और उपयोगकर्ताओं के साथ उनकी इंटरैक्शन तकनीकों पर अधिक है। अन्य कंपनियों की तरह पूरी तरह मानव जैसे रोबोट्स बनाने के बजाय, एप्पल अपनी डिज़ाइनों को "मानवतुल्य" (एंथ्रोपोमोर्फिक) कहकर संदर्भित कर रही है, न कि विशुद्ध रूप से "ह्यूमनॉइड"।

ELEGNT फ्रेमवर्क: रोबोट्स में संवेदनशीलता और भावनात्मक अभिव्यक्ति

एप्पल ने पहले ही रोबोटिक्स क्षेत्र में अपनी रुचि प्रकट की है, जिसे हाल ही में प्रकाशित शोध पत्रों के माध्यम से देखा जा सकता है। पिछले सप्ताह, कंपनी ने अपने ELEGNT फ्रेमवर्क की जानकारी साझा की, जो गैर-मानवीय रोबोट्स को इरादे व्यक्त करने और उपयोगकर्ताओं के साथ संवाद करने में मदद करता है। इस प्रणाली के तहत, रोबोट्स अपने शारीरिक आकार की बजाय अपनी गतियों और प्रतिक्रियाओं से संवाद करेंगे।

ELEGNT फ्रेमवर्क को प्रदर्शित करने के लिए एक लैंप के आकार के रोबोट का उपयोग किया गया, जो अपने गतिशील हावभाव के माध्यम से उपयोगकर्ता के साथ एक जुड़ाव स्थापित करता है। हालांकि, इस प्रणाली का उद्देश्य सीधे कार्य निष्पादन नहीं बल्कि अधिक प्रभावी और प्राकृतिक उपयोगकर्ता अनुभव प्रदान करना है। यह इंगित करता है कि एप्पल रोबोटिक्स को केवल व्यावहारिक कार्यों तक सीमित न रखकर इसे संवेदनशील और अनुभवात्मक बनाने की दिशा में काम कर रही है।

रोबोटिक्स में एप्पल का दीर्घकालिक दृष्टिकोण

विश्लेषकों का मानना है कि एप्पल द्वारा रोबोटिक्स से संबंधित सार्वजनिक घोषणाएँ और शोध पत्र प्रकाशित करना एक रणनीतिक कदम हो सकता है, जिससे वह इस उभरते हुए क्षेत्र में बेहतरीन प्रतिभाओं को आकर्षित कर सके।

कूओ के अनुसार, एप्पल का यह कदम दर्शाता है कि कंपनी भविष्य में उपभोक्ता रोबोटिक्स में एक अग्रणी खिलाड़ी बनने की तैयारी कर रही है। यह भी स्पष्ट है कि एप्पल एक सॉफ़्टवेयर-संचालित दृष्टिकोण को अपनाने की योजना बना रही है, जो स्मार्ट ऑटोमेशन की दुनिया में क्रांतिकारी बदलाव ला सकता है।

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फोल्डेबल आईफोन पर अपडेट

इसके अलावा, कूओ ने बताया कि एप्पल का लंबे समय से चर्चित फोल्डेबल आईफोन भी अभी प्रूफ-ऑफ-कॉन्सेप्ट चरण में है। यह इंगित करता है कि कंपनी अभी भी अपने आगामी उत्पाद लाइनअप को बेहतर बनाने पर काम कर रही है और नए नवाचारों के साथ बाज़ार में प्रवेश करने के लिए समय ले रही है।

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निष्कर्ष:-

एप्पल की रोबोटिक्स परियोजना तकनीकी क्षेत्र में एक नया अध्याय खोल सकती है, जिसमें वह पारंपरिक रोबोट्स के बजाय एक अधिक संवेदनशील, स्मार्ट और उपयोगकर्ता-अनुकूल रोबोटिक्स इकोसिस्टम पर ध्यान केंद्रित कर रही है। हालांकि, इस परियोजना को बड़े पैमाने पर साकार होते देखने के लिए हमें 2028 तक इंतजार करना पड़ सकता है।

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Z S RAZZAQI

Ziaus Sahar Razzaqi is an Indian writer, independent researcher, blogger, and literary editor committed to preserving and promoting the timeless heritage of Hindi and Urdu literature through authentic, research-driven, and reader-focused content. As the founder of Anthought (www.anthought.com), he specializes in creating comprehensive biographies of renowned poets, writers, and literary personalities, along with Urdu Shayari, Hindi Kavita, Ghazals, Nazms, literary criticism, book introductions, quotations, educational resources, and cultural studies. His editorial approach is based on accuracy, originality, historical authenticity, and linguistic excellence. Every article is carefully researched using reliable literary sources to provide readers, students, researchers, educators, and competitive examination aspirants with trustworthy and well-structured information. His vision is to build Anthought into one of the most respected digital knowledge platforms dedicated to Hindi and Urdu literature, making classical and modern literary heritage easily accessible to readers across India and around the world. Through meaningful research and high-quality publishing, he strives to inspire

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