नई दिल्ली, 26 अगस्त 2025 – आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस (AI) अब केवल तकनीक की दुनिया तक सीमित नहीं है, बल्कि यह शिक्षा की धारा को भी नई दिशा दे रहा है। इसी कड़ी में OpenAI ने भारत में अपनी पहली शिक्षा-केंद्रित पहल शुरू की है – OpenAI Learning Accelerator। इसका मक़सद है शिक्षकों, छात्रों और संस्थानों को AI टूल्स, प्रशिक्षण और अवसर उपलब्ध कराना ताकि सीखने की प्रक्रिया को और अधिक मज़बूत व प्रभावी बनाया जा सके।
क्यों ज़रूरी है OpenAI Learning Accelerator?
भारत दुनिया का सबसे बड़ा छात्र समुदाय है, और यही वजह है कि यहां ChatGPT का इस्तेमाल सबसे ज़्यादा हो रहा है। लाखों छात्र-छात्राएँ प्रतिदिन इसे होमवर्क, परीक्षा की तैयारी और नए विचारों की खोज के लिए इस्तेमाल कर रहे हैं। लेकिन OpenAI का मक़सद केवल शॉर्टकट देना नहीं है, बल्कि सीखने की क्षमता को गहरा करना है।
इस पहल के तहत, छात्रों को इंटरैक्टिव ट्यूटर जैसी सुविधा मिलेगी और शिक्षक भी आधुनिक डिजिटल टूल्स की मदद से पढ़ाने की प्रक्रिया को नया आयाम दे सकेंगे।
प्रमुख साझेदार और निवेश
इस Accelerator प्रोग्राम को मज़बूती देने के लिए OpenAI ने कई अहम संस्थानों से साझेदारी की है:
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IIT मद्रास
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AICTE (ऑल इंडिया काउंसिल फॉर टेक्निकल एजुकेशन)
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भारत सरकार का शिक्षा मंत्रालय
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ARISE Schools
OpenAI ने IIT मद्रास को $500,000 (करीब 4 करोड़ रुपये) का फंड देने की घोषणा की है, ताकि रिसर्च यह समझ सके कि AI कैसे सीखने और पढ़ाने के तरीकों को बेहतर बना सकता है। यह शोध Cognitive Neuroscience (मस्तिष्क विज्ञान) से जुड़े पहलुओं पर आधारित होगा।
क्या मिलेगा छात्रों और शिक्षकों को?
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500,000 ChatGPT लाइसेंस – अगले छह महीनों में, छात्रों और शिक्षकों को मुफ्त लाइसेंस उपलब्ध होंगे।
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AI Training Sessions – ताकि सभी को AI literacy (AI साक्षरता) मिल सके।
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ChatGPT Study Mode – यह एक पर्सनल ट्यूटर की तरह होगा, जो चरणबद्ध तरीके से प्रश्न पूछकर और जवाब देकर छात्रों को गाइड करेगा।
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Indic Languages Support – GPT-5 मॉडल अब हिंदी सहित कई भारतीय भाषाओं में और भी धाराप्रवाह संवाद कर सकता है।
OpenAI और ChatGPT: मैं कौन हूँ?
मैं हूँ ChatGPT, OpenAI द्वारा विकसित किया गया AI Language Model (GPT-5)। मेरा निर्माण इस उद्देश्य से किया गया है कि लोग अपने विचार व्यक्त कर सकें, सीख सकें और नए-नए ज्ञान तक आसानी से पहुँच बना सकें।
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पहली बार लॉन्च: जून 2020 (GPT-3 मॉडल के रूप में)।
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नवीनतम रूप: GPT-5 (2025 तक)।
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क्षमताएँ:
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निबंध, लेख, कहानी और कविता लिखना।
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होमवर्क और परीक्षाओं की तैयारी में मदद करना।
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अनुवाद, सारांश, और शोध में सहायता।
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प्रोग्रामिंग कोड लिखना और समझाना।
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रचनात्मक सोच और नए विचार देना।
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मेरे ज़रिए आज भारत के लाखों छात्र AI की मदद से सीखने के नए तरीके खोज रहे हैं।
शिक्षा जगत के लिए नया मोड़
OpenAI की वाइस-प्रेसिडेंट (Education) Leah Belsky ने कहा:
“AI में शिक्षकों और छात्रों को सशक्त बनाने की अपार क्षमता है। लेकिन इसके लिए हमें शिक्षकों और संस्थानों के साथ मिलकर काम करना होगा। यह OpenAI के मिशन का अहम हिस्सा है कि AGI (Artificial General Intelligence) का लाभ पूरी मानवता को मिले।”
साथ ही, OpenAI ने Raghav Gupta को Head of Education (India & Asia Pacific) नियुक्त किया है। उनके अनुसार:
“भारत में हमारे पास शिक्षा को AI से बदलने का सुनहरा अवसर है। यह पहल न केवल छात्रों की सीखने की क्षमता को बढ़ाएगी बल्कि भारत को AI-सक्षम शिक्षा का वैश्विक नेता बनाने में भी मदद करेगी।”
OpenAI की भारत रणनीति
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नयी दिल्ली में पहला ऑफिस – 2025 के अंत तक।
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ChatGPT Go Plan – केवल ₹399 की मासिक सदस्यता।
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Indian Languages Expansion – हिंदी, बंगाली, तमिल, तेलुगु, मराठी, उर्दू और अन्य भाषाओं में समर्थन।
भविष्य की तस्वीर
OpenAI Learning Accelerator केवल एक कार्यक्रम नहीं है, बल्कि यह भारत के शिक्षा तंत्र में क्रांति की शुरुआत है। जहां पहले पढ़ाई सिर्फ किताबों और ब्लैकबोर्ड तक सीमित थी, अब यह AI, डिजिटल टूल्स और व्यक्तिगत सीखने के अनुभव के साथ 21वीं सदी की मांगों के अनुरूप होगी।
AI न तो शिक्षक की जगह लेगा, और न ही छात्र की मेहनत का विकल्प बनेगा, बल्कि यह शिक्षक का सहायक और छात्र का मार्गदर्शक बनकर शिक्षा को और गहराई देगा।
निष्कर्ष:-
OpenAI का यह कदम केवल एक टेक्नोलॉजी पहल नहीं है, बल्कि यह भारत की शिक्षा को भविष्य की दिशा देने वाला ऐतिहासिक प्रयास है। जिस तरह इंटरनेट ने सीखने की दुनिया को बदला था, उसी तरह अब AI शिक्षा को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाएगा।
ChatGPT (यानी मैं) इस यात्रा का हिस्सा बनकर गर्व महसूस करता हूँ। भारत के छात्रों और शिक्षकों के साथ मिलकर, यह पहल न सिर्फ़ देश की शिक्षा व्यवस्था को, बल्कि पूरे विश्व में शिक्षा की परिभाषा को बदल सकती है।
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